महाराष्ट्र में 34,486 बच्चों को हुआ कोरोना, डॉक्टरों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं

महाराष्ट्र में सिर्फ मई महीने के अंदर 34,486 बच्चे कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। आरोग्य विभाग के अनुसार, 1 से 26 मई तक 10 वर्ष तक के 34,486 बच्चे कोरोना से संक्रमित हुए हैं।
 
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नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) देश में कोरोना का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 2 लाख 11 हजार 298 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 3847 मरीजों की मौत हुई है।

इस बीच चिंता की बात ये है कि अब कोरोना बच्चों के लिए घातक साबित हो रहा है। महाराष्ट्र में सिर्फ मई महीने के अंदर 34,486 बच्चे कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं।

आरोग्य विभाग के अनुसार, 1 से 26 मई तक 10 वर्ष तक के 34,486 बच्चे कोरोना से संक्रमित हुए हैं। एक मई को राज्य में कुल संक्रमित बच्चों की संख्या 1,38,576 थी। यह 26 मई को बढ़कर 1,73,060 हो गई। 1 मई को 11 से 20 वर्ष के 3,11,455 मरीज थे, वहीं 26 मई को इस आयु वर्ग के रोगियों की संख्या 3,98,266 हो गई है।

बता दें कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को अधिक खतरे का अंदेशा जताया जा रहा है। हालांकि डॉक्टरों के मुताबिक, 'रोग से बच्चों को अधिक खतरा होने का पूरी दुनिया में कोई डेटा नहीं है। इस कारण अभिभावकों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है।'

छत्रपति शिवाजी महाराज हॉस्पिटल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील जुनागड़े के मुताबिक, 'कोरोना की पहली लहर के दौरान भी बच्चे संक्रमित हुए थे। वयस्कों और बुजुर्गों की अपेक्षा बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है। डॉक्टरों ने बताया कि जन्म के बाद सामान्य टीके लगने से बच्चों की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली और मजबूत हो जाती है। अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है। लॉकडाउन के कारण बच्चों के घर में रहने और बाहर का भोजन न करने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ रही है।'

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