अम्मा का हुआ निधन, लेकिन नर्स ने कोविड ड्यूटी को चुना, कही दिल छू लेने वाली बात

कोरोना काल में देश के स्वास्थ्यकर्मी सब कुछ भुलाकर मरीजों को बचाने के लिए लड़ रहे है। कोरोना को हराने के लिए वह हर संभव कोशिश कर रहे है। अब दिल्ली से जो खबर आयी है उसे पढ़कर आप भी स्वास्थ्यकर्मियों को सेल्यूट करेंगे।
 
अम्मा का हुआ निधन, लेकिन नर्स ने कोविड ड्यूटी को चुना, कही दिल छू लेने वाली बात

नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) देश में कोरोना का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। हर दिन साढ़े तीन लाख से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में देशभर में कोरोना के 3 लाख 69 हजार 230 नए मामले सामने आए हैं। बीते 24 घंटे में 3,421 लोगों की कोरोना से जान गई है।

कोरोना काल में देश के स्वास्थ्यकर्मी सब कुछ भुलाकर मरीजों को बचाने के लिए लड़ रहे है। कोरोना को हराने के लिए वह हर संभव कोशिश कर रहे है। अब दिल्ली से जो खबर आयी है उसे पढ़कर आप भी स्वास्थ्यकर्मियों को सेल्यूट करेंगे।

मूलरूप से केरल की रहने वाली राखी एम्स में नर्सिंग ऑफिसर हैं। रविवार को 12.30 बजे नर्सिंग ऑफिसर राखी की अम्मा की मौत हो गई। तीन साल से वह अपनी अम्मा से नहीं मिली थीं। एक तरफ अम्मा के अंतिम दर्शन तो दूसरी तरफ कोविड की ड्यूटी। राखी ने अपने काम को चुना और उसने कोविड ड्यूटी करने का फैसला किया।

राखी ने कहा कि मैं अपनी कोविड ड्यूटी की वजह से केरल नहीं जा सकती थी। मेरी नाइट शिफ्ट है और मैं अपने मरीजों को सबसे पहली प्राथमिकता देती हूं। मैं केरल जाती भी तो अम्मा का चेहरा नहीं देख सकती थी। मैंने अपना कर्तव्य निभाया, क्योंकि मैं अपनी अम्मा के चेहरे को हर कोविड मरीज में देखती हूं और उनकी सेवा करना मेरा पहला धर्म है।

राखी जब एक साल की थीं, तब उनकी मां की मौत हो गई थी। राखी का लालन-पालन, पढ़ाई सब उनकी दादी ने किया। राखी अपनी दादी को ही अम्मा बोलती हैं। रविवार को त्रिवेंद्रम मेडिकल कॉलेज में कोविड से पीड़ित राखी की अम्मा का निधन हो गया। राखी ने बताया कि 2014 में उनकी शादी राजीव से हुई। राखी के पति राजीव भी नर्सिंग ऑफिसर हैं। पिछले तीन साल से राखी अपनी अम्मा से नहीं मिली थीं। वह प्रेग्नेंट थी, इसलिए केरल नहीं जा सकीं। जब बच्चा हुआ तो कोरोना शुरू हो गया और फिर लॉकडाउन हो गया। बच्चा एक साल का हो चुका है, लेकिन वह अपनी अम्मा से नहीं मिल पाई थीं।

राखी ने बताया कि इस बार जुलाई में केरल जाने का प्लान था, लेकिन इस बीच उनकी अम्मा भी कोविड का शिकार हो गईं। राखी ने बताया कि उनकी अम्मा पहले से सीओपीडी, डायबिटीज की शिकार थी। उन्हें कोविड की वजह से न्यूमोनिया हो गया और बाद में वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन उनकी जान नहीं बची। राखी के लिए कोविड ड्यूटी करना आसान नहीं। एक साल का बच्चा है। इसी 25 अप्रैल से ड्यूटी लगी है। खुद को संक्रमण से बचाकर काम करना, आईसीयू की ड्यूटी करना, जहां पर सबसे ज्यादा संक्रमण का खतरा रहता है।

राखी ने कहा कि मेरी अम्मा जिस अस्पताल में एडमिट थीं, उसका इलाज तो कोई डॉक्टर, नर्स ही कर रही होगी। आज सभी हेल्थकेयर वर्कर अपनी अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। मैं भी इसी प्रकार ड्यूटी कर रही हूं और किसी के मां, पाता, भाई, बहन के इलाज में लगी हुई हूं। अभी एम्स में कोविड की वजह से स्टाफ की कमी हो गई है। ऐसे में ड्यूटी सबसे पहले हैं। मुझे दुख है कि जिस अम्मा ने मुझे इस लायक बनाया, उनके अंतिम दर्शन मैं नहीं कर पाई।

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