लखीमपुर खीरी में नही थम रहा बवाल, धारा 144 लागू, प्रियंका के बाद अखिलेश यादव भी हिरासत में

लखीमपुर खीरी में हिंसा और चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत के बाद शुरू हुआ सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम विपक्षी दल के नेता लखीमपुर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से उन्हें जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
 
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लखनऊ (उत्तराखंड पोस्ट)
लखीमपुर खीरी में हिंसा और चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत के बाद शुरू हुआ सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम विपक्षी दल के नेता लखीमपुर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से उन्हें जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है।

पुलिस लगातार कोशिश में जुटी हुई है कि जल्द से जल्द मामले को सुलझा लिया जाए. इसके लिए प्रशासन की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के इलाके में मोबाइल इंटरनेट को बंद कर दिया गया है जबकि मौके पर धारा 144 लागू कर दी गई है।

लखीमपुर खीरी की घटना के बाद प्रियंका गांधी आधी रात को ही मौके पर रवाना हो गई। जिसके बाद पुलिस उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश में जुट गई। आखिरकार सीतापुर पुलिस ने प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने में सफल हुई. हिरासत में लेने के बाद उन्हें पीएससी के गेस्टहाउस में रखा गया है।

समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के घर के बाहर सुबह से ही प्रशासन ने बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लगाई थी। इसके बाद भी तमाम सपा कार्यकर्ता अखिलेश यादव के घर के बाहर पहुंच गए। इसके बाद अखिलेश यादव अपने घर के बाहर ही धरने पर बैठ गए और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला।इसके बाद उनको हिरासत में लिया गया।

वहीं बहुजन समाज पार्टी के अध्यक्ष मयावती ने कहा कि इस घटना में बीजपी के दो मंत्री की संलिप्तता है ऐसे में मुझे नहीं लगता है कि पीड़ितों के साथ न्याय होगा। उन्होंने कहा कि ''दुखद खीरी कांड में भाजपा के दो मंत्रियों की संलिप्तता के कारण इस घटना की सही सरकारी जांच व पीड़ितों के साथ न्याय और दोषियों को सख्त सजा संभव नहीं लगती है। इसलिए इस घटना की, जिसमें अब तक 8 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है। बीएसपी इस घटना की न्यायिक जांच की मांग करती है।''

वहीं राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी भी लखीमपुर खीरी पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हालांकि, पुलिस हिरासत में आने के बाद वह उससे निकलकर भागने लगे लेकिन मौके पर मौजूद भारी संख्या में पुलिसबल ने दोबारा उन्हें अपने कब्जे में ले लिया।

आपको बता दें कि रविवार को यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को लखीमपुर खीरी में आयोजित कुश्ती कार्यक्रम में आना था। डिप्टी सीएम के पहुंचने से पहले किसान, कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों का आरोप है कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे अशीष मिश्रा और उसके समर्थकों ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गाड़ियां चढ़ा दीं। इससे बाद गुस्साए किसानों ने SUV कार को आग के हवाले कर दिया। इस पूरे मामले में अब तक कई लोगों की मौत हो गई है। हिंसा की खबर के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी अपना लखीमपुर दौरा रद्द कर दिया।

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