#उत्तराखंड से बड़ी खबर, इन 10-15 बीजेपी विधायकों के कटेंगे टिकट !

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा में प्रत्याशियों के चयन को लेकर शनिवार को कोर ग्रुप और प्रदेश चुनाव समिति की बैठक का आयोजन किया गया। भाजपा प्रदेश कार्यालय देहरादून में सुबह से ही अच्छी खासी भीड़ जमा थी।
 
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देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट
) उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा में प्रत्याशियों के चयन को लेकर शनिवार को कोर ग्रुप और प्रदेश चुनाव समिति की बैठक का आयोजन किया गया। भाजपा प्रदेश कार्यालय देहरादून में सुबह से ही अच्छी खासी भीड़ जमा थी।

कोर ग्रुप और चुनाव समिति की बैठक को लेकर प्रदेश कार्यालय के बाहर चर्चाओं का बाजार गर्म था। क्योंकि विधानसभा चुनाव के लिए तीन – तीन नामों का पैनल हर विधानसभा सीट से बनाकर दिल्ली भेजा जाना था।

दिनभर चली बैठकों के बाद सभी सीटों पर तीन-तीन नामों का पैनल बनाया गया है। रविवार को दिल्ली में भाजपा की महत्वपूर्ण बैठक होनी है जिसमें गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे।  इस बैठक में सभी नामों पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में फाइनल किए गए नामों पर अगले दो से 3 दिनों में पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में चर्चा होनी है जहां फाइनल उम्मीदवार पर मोहर लगेगी।

इस बीच बड़ी खबर मिली है कि भाजपा 10 से 15 सिटिंग विधायकों के टिकट काट सकती है। इनमें ज्यादातर नॉन परफॉर्मेंस और ज्यादा anti-incumbency वाले फेक्टर मुख्य कारण रहेंगे। भाजपा को मिली रिपोर्ट के अनुसार अगर इनके टिकट काटे जाते हैं तो नए प्रत्याशी इन सीटों पर बेहतर चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन यह साफ है कि जहां पहले 25 से 30 टिकट काटे जाने की बात कह रही थी अब भाजपा लगभग आधे टिकट ही काटेगी ।

क्योंकि पार्टी को इस बात का डर भी है कि कहीं जिनका टिकट कटेगा वो बागी ना हो जाए। ऐसे में कई सीटों पर यह नुकसान झेलना पड़ सकता है इसलिए पार्टी उन्हीं सीटों पर टिकट काटेगी जहां प्रत्याशियों को समझा-बुझाकर साथ लिया जा सकता है। इसके लिए बकायदा वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी भी दे दी गई है।

वहीं सीएम धामी ने भी आज बड़ा बयान दिया है। मुख्‍यमंत्री धामी ने शनिवार को कोर ग्रुप की बैठक के बाद कहा कि वह खटीमा से चुनाव लड़ेंगे। उन्‍होंने कहा कि विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी जल्‍द ही प्रत्‍याशियों की सूची भी जारी करेगी।

वहीं यह बैठक इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि सरकार में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत इसमें नहीं पहुंचे। जानकारी मिल रही है कि हरक सिंह रावत फिर से भाजपा से नाराज हो गए हैं। हरक की नाराजगी की वजह लैंसडाउन विधानसभा सीट मानी जा रही है। दरअसल हरक सिंह रावत लैंसडाउन विधानसभा सीट से अपनी बहू अनुकृति गोसाई को चुनाव लड़ना चाहते हैं।

आपको बता दें कि लैंसडाउन विधानसभा सीट से अभी बीजेपी के दिलीप रावत विधायक हैं लेकिन हरक की नजर इस विधामसभा सीट पर है, तो ऐसे में दिलीप रावत भी अपनी सीट बचाने के लिए दिल्ली से लेकर देहरादून तक लाबिंग में जुटे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबित हरक ने कहा कि उन्हें कोर ग्रुप की बैठक की सूचना देर से मिली। इस वजह से वह बैठक में नहीं पहुंच पाए। अब सच क्या है ये तो वक्त आने पर ही पता चलेगा।

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