उत्तराखंड में कुदरत का विकराल रूप,ऋषिगंगा के जलस्तर बढ़ा, दो माह पहले बनाया पुल बहा

उत्तराखंड में इन दिनों कुदरत कहर बरपा रही है। गुरुवार को अधिकतर इलाकों में बदरा जमकर बरसे। वहीं आज भी प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम खराब बना हुआ है। देहरादून, हरिद्वार और रुड़की में सुबह से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। 
 
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चमोली (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड में इन दिनों कुदरत कहर बरपा रही है। गुरुवार को अधिकतर इलाकों में बदरा जमकर बरसे। वहीं आज भी प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम खराब बना हुआ है। देहरादून, हरिद्वार और रुड़की में सुबह से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। 

चमोली में बीते बुधवार से ही लगातार बारिश हो रही है। बारिश से कई नदियों और नालों का भी जलस्तर बढ़ा है। रैणी गांव के पास ऋषिगंगा के जलस्तर में भी वृद्धि हुई है। साथ ही धौलीगंगा के जलस्तर में भी वृद्धि हुई है।

इस बीच बड़ी खबर सामने आयी है। गुरुवार रात फिर धौली गंगा का जलस्तर बढ़ने से भंग्युल गांव का संपर्क देश दुनिया से टूट गया है। बात दें कि बीती 7 फरवरी को धौलीगंगा में आई बाढ़ के कारण भंग्युल गांव को जोड़ने वाला ये पुल बह गया था। जिसे लोक निर्माण विभाग द्वारा दो माह पहले ही बनाया गया था। इस गांव में जोड़ने वाला यह एक मात्र पुल था।

बीती 7 फरवरी को भी पुल टूटने के बाद गांव के लोग अपने घरों में ही कैद हो गए थे। उस दौरान गांव के लोगों की समस्या को देखते हुए ग्रामीणों की आवाजाही के लिए धौलीगंगा पर लोनिवि के द्वारा पुल बनने तक ट्राली लगाई गई थी। दो माह पूर्व लोनिवि के द्वारा धौलीगंगा पर झूला पुल भी बना दिया गया था, लेकिन गुरुवार को धौलीगंगा के उफान पर आने से पुल बह गया है।

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