उत्तराखंड | अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना का बच्चों को नहीं मिल रहा लाभ, कार्रवाई की चेतावनी

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उत्तराखंड | अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना का बच्चों को नहीं मिल रहा लाभ, कार्रवाई की चेतावनी

Mazhar

बैठक में अधिकारी अनुपस्थित पाये जाने पर उपाध्यक्ष नवाब ने गम्भीरता से लेते हुये अनुपस्थित अधिकारियों को स्पष्टीकरण के साथ ही नोटिस जारी किया है, और 10 दिनों के भीतर नोटिस का जबाव अल्पसंख्यक आयोग देहरादून में देने के निर्देश दिये हैं।


 

हल्द्वानी (उत्तराखंड पोस्ट) उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक आयोग (राज्य मंत्री) मजहर नईम नवाब एवं उपाध्यक्ष इकबाल सिंह ने बुधवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में अल्पसंख्यकों के लिए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की विभागीय समीक्षा बैठक ली।

             

बैठक में अधिकारी अनुपस्थित पाये जाने पर उपाध्यक्ष नवाब ने गम्भीरता से लेते हुये अनुपस्थित अधिकारियों को स्पष्टीकरण के साथ ही नोटिस जारी किया है, और 10 दिनों के भीतर नोटिस का जबाव अल्पसंख्यक आयोग देहरादून में देने के निर्देश दिये हैं।

             

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान उपाध्यक्ष ने गहरी नाराजगी व्यक्त की कहा कि भारत सरकार व उत्तराखण्ड सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के लिए जो छात्रवृत्ति योजना चलाई जा रही है इसका संज्ञान ना ही विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को ना ही शिक्षकों को है। इस लिए उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना के तहत प्रदेश में केवल 18 प्रतिशत बच्चों को ही इसका लाभ दिया जा रहा है यह एक अत्यन्त गम्भीर मामला है।

उन्होंने शिक्षा अधिकारी के साथ ही अल्पसंख्यक अधिकारी को निर्देश दिये कि योजना का अधिक से अधिक प्रचार किया जाए तथा विद्यालयों में उक्त योजना के बोर्ड आदि लगाये जायें ताकि जो बच्चे पात्र हैं वे इन योजनाओं का लाभ ले सकें।

             

उन्होंने कहा छात्रवृत्ति के आवेदन की अन्तिम तिथि 17 जुलाई 2023 है इससे पूर्व जनपद के सभी विद्यालयों में अल्पसंख्यकों के बच्चों के आवेदन ऑनलाइन कर दिये जाए इसके बावजूद कोई भी विद्यालय के बच्चे इन योजनाओं से वंचित रह जाते है तो उस स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ ही शिक्षकों की जिम्मेदारी तय होगी और कठोर कार्यवाही सम्बन्धित शिक्षक के खिलाफ अमल में लाई जायेगी।

             

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि शहर में प्रत्येक माह चिकित्सकीय कैम्प लगाकर आयुष्मान कार्ड धारकों को इन कैम्पों का अधिक से अधिक लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा जनपद में जहां भी चिकित्सा कैम्प अथवा शिविर लगाया जाता है मुख्य चिकित्याधिकारी के संज्ञान में बात अवश्य हो , और इन चिकित्सा कैम्पों का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार किया जाए ताकि गरीब तबके के लोग इन कैम्पों का फायदा उठा सकें।

           

समाज कल्याण की समीक्षा के दौरान नवाब ने कहा कि मुख्यमंत्री हुनर योजना के अन्तर्गत जनपद प्रशिक्षण कैम्प चलाये जा रहे है प्रशिक्षण करने के उपरान्त कितने लोगों द्वारा स्वरोजगार कर अपनी आर्थिकी मजबूत की इसका डाटा अवश्य हो। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, अल्पसंख्यकों के साथ ही अन्य पिछडे वर्क के  जिन लोगांें को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षण के उपरान्त रोजगार के साथ ही स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर इन लोगों को मुख्य धारा से जोडकर लाभान्वित किया जा सके। 

           

उपाध्यक्ष नवाब ने कहा कि अल्पसंख्यक आयोग का मुख्य उददेश्य अल्पसंख्यकों के साथ ही गरीब तबके के लोगों को मुख्य धारा से जोडना है। सरकार द्वारा अनेको महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनायें चलाई जा रही हैं इन योजनाओं को धरातल पर अधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों को उतारने के लिए एक अहम भूमिका निभानी होगी तभी हम सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को एक मूर्त रूप दे सकते हैं।

नवाब द्वारा अन्तर्जातीय विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार के तहत कुल 5 दम्पत्तियों को 50-50 हजार के अनुदान के चैक दिये गये जिसमें मुकेश कुमार पत्नी कुसुम, नन्द किशोर पत्नी अनीता रावत, जितेन्द्र भटट पत्नी पूजा, चन्दर सिंह पत्नी रेनु आर्या तथा आशीष कुमार पत्नी करिश्मा कोटलिया को दिया गया।

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